पवित्र बाइबिल
पुराना नियम
भजन संहिता
अध्याय 81
- Verse 1: परमेश्वर जो हमारा बल है, उसका गीत आनन्द से गाओ; याकूब के परमेश्वर का जयजयकार करो!
- Verse 2: भजन उठाओ, डफ और मधुर बजनेवाली वीणा और सारंगी को ले आओ।
- Verse 3: नये चाँद के दिन, और पूर्णमासी को हमारे पर्व के दिन नरसिंगा फूँको।
- Verse 4: क्योंकि यह इस्राएल के लिये विधि, और याकूब के परमेश्वर का ठहराया हुआ नियम है।
- Verse 5: इसको उसने यूसुफ में चितौनी की रीति पर उस समय चलाया, जब वह मिस्र देश के विरुद्ध चला। वहाँ मैं ने एक अनजानी भाषा सुनी :
- Verse 6: “मैं ने उनके कन्धों पर से बोझ को उतार दिया; उनका टोकरी ढोना छूट गया।
- Verse 7: तू ने संकट में पड़कर पुकारा, तब मैं ने तुझे छुड़ाया; बादल गरजने के गुप्त स्थान में से मैं ने तेरी सुनी, और मरीबा नामक सोते के पास तेरी परीक्षा की। (सेला)
- Verse 8: हे मेरी प्रजा, सुन, मैं तुझे चिता देता हूँ! हे इस्राएल, भला हो कि तू मेरी सुने!
- Verse 9: तेरे बीच में पराया ईश्वर न हो; और न तू किसी पराए देवता को दण्डवत् करना।
- Verse 10: तेरा परमेश्वर यहोवा मैं हूँ, जो तुझे मिस्र देश से निकाल लाया है। तू अपना मुँह पसार, मैं उसे भर दूँगा।
- Verse 11: “परन्तु मेरी प्रजा ने मेरी न सुनी; इस्राएल ने मुझ को न चाहा।
- Verse 12: इसलिये मैं ने उसको उसके मन के हठ पर छोड़ दिया, कि वह अपनी ही युक्तियों के अनुसार चले।
- Verse 13: यदि मेरी प्रजा मेरी सुने, यदि इस्राएल मेरे मार्गों पर चले,
- Verse 14: तो मैं क्षण भर में उनके शत्रुओं को दबाऊँ, और अपना हाथ उनके द्रोहियों के विरुद्ध चलाऊँ।
- Verse 15: यहोवा के बैरी तो उस के वश में हो जाते; और उनका अन्त सदाकाल तक बना रहता है।
- Verse 16: मैं उनको उत्तम से उत्तम गेहूँ खिलाता, और मैं चट्टान में के मधु से उनको तृप्त करता।”