ಕನ್ನಡ ಸತ್ಯವೇದವು
पुराना नियम
लैव्यव्यवस्था
अध्याय 3
- Verse 1: “यदि उसका चढ़ावा मेलबलि का हो, और यदि वह गाय–बैलों में से किसी को चढ़ाए, चाहे वह पशु नर हो या मादा, तो जो निर्दोष हो उसी को वह यहोवा के आगे चढ़ाए।
- Verse 2: और वह अपना हाथ अपने चढ़ावे के पशु के सिर पर रखे और उसको मिलापवाले तम्बू के द्वार पर बलि करे; और हारून के पुत्र जो याजक हैं वे उसके लहू को वेदी के चारों ओर छिड़कें।
- Verse 3: और वह मेलबलि में से यहोवा के लिये हवन करे, अर्थात् जिस चरबी से अंतड़ियाँ ढपी रहती हैं, और जो चरबी उनमें लिपटी रहती है वह भी,
- Verse 4: और दोनों गुर्दे और उनके ऊपर की चरबी जो कमर के पास रहती है, और गुर्दों समेत कलेजे के ऊपर की झिल्ली, इन सभों को वह अलग करे।
- Verse 5: तब हारून के पुत्र इनको वेदी पर उस होमबलि के ऊपर जलाएँ, जो उन लकड़ियों पर होगी जो आग के ऊपर है कि यह यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्धवाला हवन ठहरे।
- Verse 6: “यदि यहोवा के मेलबलि के लिये उसका चढ़ावा भेड़–बकरियों में से हो, तो चाहे वह नर हो या मादा, पर जो निर्दोष हो उसी को वह चढ़ाए।
- Verse 7: यदि वह भेड़ का बच्चा चढ़ाता हो, तो उसको यहोवा के सामने चढ़ाए,
- Verse 8: और वह अपने चढ़ावे के पशु के सिर पर हाथ रखे और उसको मिलापवाले तम्बू के आगे बलि करे; और हारून के पुत्र उसके लहू को वेदी के चारों ओर छिड़कें।
- Verse 9: तब मेलबलि में से चरबी को यहोवा के लिये हवन करे, अर्थात् उसकी चरबी भरी मोटी पूंछ को वह रीढ़ के पास से अलग करे, और जिस चरबी से अंतड़ियाँ ढपी रहती हैं, और जो चरबी उन में लिपटी रहती है,
- Verse 10: और दोनों गुर्दे, और जो चरबी उनके ऊपर कमर के पास रहती है, और गुर्दों समेत कलेजे के ऊपर की झिल्ली, इन सभों को वह अलग करे।
- Verse 11: और याजक इन्हें वेदी पर जलाए; यह यहोवा के लिये हवन रूपी भोजन ठहरे।
- Verse 12: “यदि वह बकरा या बकरी चढ़ाए, तो उसे यहोवा के सामने चढ़ाए।
- Verse 13: और वह अपना हाथ उसके सिर पर रखे, और उसको मिलापवाले तम्बू के आगे बलि करे; और हारून के पुत्र उसके लहू को वेदी के चारों ओर छिड़कें।
- Verse 14: तब वह उसमें से अपना चढ़ावा यहोवा के लिये हवन करके चढ़ाए, अर्थात् जिस चरबी से अंतड़ियाँ ढपी रहती हैं, और जो चरबी उनमें लिपटी रहती है वह भी,
- Verse 15: और दोनों गुर्दे और जो चरबी उनके ऊपर कमर के पास रहती है, और गुर्दों समेत कलेजे के ऊपर की झिल्ली, इन सभों को वह अलग करे।
- Verse 16: और याजक इन्हें वेदी पर जलाए; यह हवन रूपी भोजन है जो सुखदायक सुगन्ध के लिये होता है; क्योंकि सारी चरबी यहोवा की है।
- Verse 17: यह तुम्हारे निवासों में तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी के लिये सदा की विधि ठहरेगी कि तुम चरबी और लहू कभी न खाओ।”