पवित्र बाइबिल
पुराना नियम
भजन संहिता
अध्याय 112
- Verse 1: याह की स्तुति करो! क्या ही धन्य है वह पुरुष जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है!
- Verse 2: उसका वंश पृथ्वी पर पराक्रमी होगा; सीधे लोगों की सन्तान आशीष पाएगी।
- Verse 3: उसके घर में धन सम्पत्ति रहती है; और उसका धर्म सदा बना रहेगा।
- Verse 4: सीधे लोगों के लिये अन्धकार के बीच में ज्योति उदय होती है; वह अनुग्रहकारी, दयावन्त और धर्मी होता है।
- Verse 5: जो पुरुष अनुग्रह करता और उधार देता है, उसका कल्याण होता है, वह न्याय में अपने मुक़द्दमें को जीतेगा।
- Verse 6: वह तो सदा तक अटल रहेगा; धर्मी का स्मरण सदा तक बना रहेगा।
- Verse 7: वह बुरे समाचार से नहीं डरता; उसका हृदय यहोवा पर भरोसा रखने से स्थिर रहता है।
- Verse 8: उसका हृदय सम्भला हुआ है, इसलिये वह न डरेगा, वरन् अपने शत्रुओं पर दृष्टि करके सन्तुष्ट होगा।
- Verse 9: उसने उदारता से दरिद्रों को दान दिया, उसका धर्म सदा बना रहेगा; और उसका सींग महिमा के साथ ऊँचा किया जाएगा।
- Verse 10: दुष्ट इसे देखकर कुढ़ेगा; वह दाँत पीस–पीसकर गल जाएगा; दुष्टों की लालसा पूरी न होगी।