पवित्र बाइबिल
पुराना नियम
यहेजकेल
अध्याय 26
- Verse 1: ग्यारहवें वर्ष के पहिले महीने के पहले दिन को यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा :
- Verse 2: “हे मनुष्य के सन्तान, सोर ने जो यरूशलेम के विषय में कहा है, ‘अहा, अहा! जो देश देश के लोगों के फाटक के समान थी, वह नष्ट हो गई! उसके उजड़ जाने से मैं भरपूर हो जाऊँगा।’
- Verse 3: इस कारण परमेश्वर यहोवा कहता है : हे सोर, देख, मैं तेरे विरुद्ध हूँ; और ऐसा करूँगा कि बहुत सी जातियाँ तेरे विरुद्ध ऐसी उठेंगी जैसे समुद्र की लहरें उठती हैं।
- Verse 4: वे सोर की शहरपनाह को गिराएँगी, और उसके गुम्मटों को तोड़ डालेंगी; और मैं उस पर से उसकी मिट्टी खुरचकर उसे नंगी चट्टान कर दूँगा।
- Verse 5: वह समुद्र के बीच का जाल फैलाने ही का स्थान हो जाएगा; क्योंकि परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, और वह जाति जाति से लुट जाएगा;
- Verse 6: और उसकी जो बेटियाँ मैदान में हैं, वे तलवार से मारी जाएँगी। तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
- Verse 7: “क्योंकि परमेश्वर यहोवा यह कहता है : देख, मैं सोर के विरुद्ध राजाधिराज बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर को घोड़ों, रथों, सवारों, बड़ी भीड़, और दल समेत उत्तर दिशा से ले आऊँगा।
- Verse 8: तेरी जो बेटियाँ मैदान में हों, उनको वह तलवार से मारेगा, और तेरे विरुद्ध कोट बनाएगा और दमदमा बाँधेगा; और ढाल उठाएगा।
- Verse 9: वह तेरी शहरपनाह के विरुद्ध युद्ध के यंत्र चलाएगा और तेरे गुम्मटों को फरसों से ढा देगा।
- Verse 10: उसके घोड़े इतने होंगे, कि तू उनकी धूल से ढँप जाएगा, और जब वह तेरे फाटकों में ऐसे घुसेगा जैसे लोग नाकेवाले नगर में घुसते हैं, तब तेरी शहरपनाह सवारों, छकड़ों, और रथों के शब्द से काँप उठेगी।
- Verse 11: वह अपने घोड़ों की टापों से तेरी सब सड़कों को रौंद डालेगा, और तेरे निवासियों को तलवार से मार डालेगा, और तेरे बल के खम्भे भूमि पर गिराए जाएँगे।
- Verse 12: लोग तेरा धन लूटेंगे और तेरे व्यापार की वस्तुएँ छीन लेंगे; वे तेरी शहरपनाह ढा देंगे और तेरे मनभाऊ घर तोड़ डालेंगे; तेरे पत्थर और काठ, और तेरी धूल वे जल में फेंक देंगे।
- Verse 13: मैं तेरे गीतों का सुरताल बन्द करूँगा, और तेरी वीणाओं की ध्वनि फिर सुनाई न देगी।
- Verse 14: मैं तुझे नंगी चट्टान कर दूँगा; तू जाल फैलाने ही का स्थान हो जाएगा, और फिर बसाया न जाएगा; क्योंकि मुझ यहोवा ही ने यह कहा है, परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है।
- Verse 15: “परमेश्वर यहोवा सोर से यों कहता है : तेरे गिरने के शब्द से जब घायल लोग कराहेंगे और तुझ में घात ही घात होगा, तब क्या टापू न काँप उठेंगे?
- Verse 16: तब समुद्रतटीय देशों के सब प्रधान लोग अपने अपने सिंहासन पर से उतरेंगे, और अपने बाग़े और बूटेदार वस्त्र उतारकर थरथराहट के वस्त्र पहिनेंगे और भूमि पर बैठकर क्षण क्षण में काँपेंगे; और तेरे कारण विस्मित रहेंगे।
- Verse 17: वे तेरे विषय में विलाप का गीत बनाकर तुझ से कहेंगे, ‘हाय! मल्लाहों की बसाई हुई हाय! सराही हुई नगरी जो समुद्र के बीच निवासियों समेत सामर्थी रही और सब टिकनेवालों की डरानेवाली नगरी थी, तू कैसी नाश हुई है?
- Verse 18: तेरे गिरने के दिन टापू काँप उठेंगे, और तेरे जाते रहने के कारण समुद्र के सब टापू घबरा जाएँगे।’
- Verse 19: “क्योंकि परमेश्वर यहोवा यों कहता है : जब मैं तुझे निर्जन नगरों के समान उजाड़ करूँगा और तेरे ऊपर महासागर चढ़ाऊँगा, और तू गहिरे जल में डूब जाएगा,
- Verse 20: तब गड़हे में और गिरनेवालों के संग मैं तुझे भी प्राचीन लोगों में उतार दूँगा; और गड़हे में और गिरनेवालों के संग तुझे भी नीचे के लोक में रखकर प्राचीनकाल के उजड़े हुए स्थानों के समान कर दूँगा; यहाँ तक कि तू फिर न बसेगा और न जीवन के लोक में कोई स्थान पाएगा।
- Verse 21: मैं तुझे घबराने का कारण करूँगा, और तू भविष्य में फिर न रहेगा, वरन् ढूँढ़ने पर भी तेरा पता न लगेगा, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।”