வேதாகமம்
पुराना नियम
यशायाह
अध्याय 43
- Verse 1: हे इस्राएल, तेरा रचनेवाला, और हे याकूब, तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, “मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है; मैं ने तुझे नाम लेकर बुलाया है, तू मेरा ही है।
- Verse 2: जब तू जल में होकर जाए, मैं तेरे संग संग रहूँगा और जब तू नदियों में होकर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आँच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी।
- Verse 3: क्योंकि मैं यहोवा तेरा परमेश्वर हूँ, इस्राएल का पवित्र मैं तेरा उद्धारकर्ता हूँ। तेरी छुड़ौती में मैं मिस्र को और तेरे बदले कूश और सबा को देता हूँ।
- Verse 4: मेरी दृष्टि में तू अनमोल और प्रतिष्ठित ठहरा है और मैं तुझ से प्रेम रखता हूँ, इस कारण मैं तेरे बदले मनुष्यों को और तेरे प्राण के बदले में राज्य राज्य के लोगों को दे दूँगा।
- Verse 5: मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूँ; मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊँगा, और पश्चिम से भी इकट्ठा करूँगा।
- Verse 6: मैं उत्तर से कहूँगा, ‘दे दे,’ और दक्षिण से कि ‘रोक मत रख;’ मेरे पुत्रों को दूर से और मेरी पुत्रियों को पृथ्वी के छोर से ले आओ;
- Verse 7: हर एक को जो मेरा कहलाता है, जिसको मैं ने अपनी महिमा के लिये सृजा, जिसको मैं ने रचा और बनाया है।”
- Verse 8: आँख रहते हुए अंधे और कान रहते हुए बहरे को निकाल ले आओ!
- Verse 9: जाति जाति के लोग इकट्ठे किए जाएँ और राज्य राज्य के लोग एकत्रित हों। उनमें से कौन यह बात बता सकता या बीती हुई बातें हमें सुना सकता है? वे अपने साक्षी ले आएँ जिससे वे सच्चे ठहरें, वे सुन लें और कहें, यह सत्य है।
- Verse 10: यहोवा की वाणी है, “तुम मेरे साक्षी हो और मेरे दास हो, तुम्हें मैं ने इसलिये चुना है कि समझकर मेरी प्रतीति करो और यह जान लो कि मैं वही हूँ। मुझ से पहले कोई परमेश्वर न हुआ और न मेरे बाद कोई होगा।
- Verse 11: मैं ही यहोवा हूँ और मुझे छोड़ कोई उद्धारकर्ता नहीं।
- Verse 12: मैं ही ने समाचार दिया और उद्धार किया और वर्णन भी किया, जब तुम्हारे बीच में कोई पराया देवता न था; इसलिये तुम ही मेरे साक्षी हो,” यहोवा की यह वाणी है।
- Verse 13: “मैं ही परमेश्वर हूँ और भविष्य में भी मैं ही हूँ; मेरे हाथ से कोई छुड़ा न सकेगा; जब मैं काम करना चाहूँ तब कौन मुझे रोक सकेगा।”
- Verse 14: तुम्हारा छुड़ानेवाला और इस्राएल का पवित्र यहोवा यों कहता है, “तुम्हारे निमित्त मैं ने बेबीलोन को भेजा है, और उसके सब रहनेवालों को भगोड़ों की दशा में, और कसदियों को भी उन्हीं के जहाजों पर चढ़ाकर ले आऊँगा जिनके विषय वे बड़ा बोल बोलते हैं।
- Verse 15: मैं यहोवा तुम्हारा पवित्र, इस्राएल का सृजनहार, तुम्हारा राजा हूँ।
- Verse 16: यहोवा जो समुद्र में मार्ग और प्रचण्ड धारा में पथ बनाता है,
- Verse 17: जो रथों और घोड़ों को और शूरवीरों समेत सेना को निकाल लाता है, (वे तो एक संग वहीं रह गए और फिर नहीं उठ सकते, वे बुझ गए, वे सन की बत्ती के समान बुझ गए हैं।) वह यों कहता है,
- Verse 18: “अब बीती हुई घटनाओं का स्मरण मत करो। न प्राचीनकाल की बातों पर मन लगाओ।
- Verse 19: देखो, मैं एक नई बात करता हूँ; वह अभी प्रगट होगी, क्या तुम उससे अनजान रहोगे? मैं जंगल में एक मार्ग बनाऊँगा और निर्जल देश में नदियाँ बहाऊँगा।
- Verse 20: गीदड़ और शुतुर्मुर्ग आदि जंगली जन्तु मेरी महिमा करेंगे; क्योंकि मैं अपनी चुनी हुई प्रजा के पीने के लिये जंगल में जल और निर्जल देश में नदियाँ बहाऊँगा।
- Verse 21: इस प्रजा को मैं ने अपने लिये बनाया है कि वे मेरा गुणानुवाद करें।
- Verse 22: “तौभी हे याकूब, तू ने मुझ से प्रार्थना नहीं की; वरन् हे इस्राएल, तू मुझसे उकता गया है!
- Verse 23: मेरे लिये होमबलि करने को तू मेम्ने नहीं लाया और न मेलबलि चढ़ाकर मेरी महिमा की है। देख, मैं ने अन्नबलि चढ़ाने की कठिन सेवा तुझ से नहीं कराई, न तुझ से धूप लेकर तुझे थका दिया है।
- Verse 24: तू मेरे लिये सुगन्धित नरकट रुपए से मोल नहीं लाया और न मेलबलियों की चर्बी से मुझे तृप्त किया। परन्तु तू ने अपने पापों के कारण मुझ पर बोझ लाद दिया है, और अपने अधर्म के कामों से मुझे थका दिया है।
- Verse 25: “मैं वही हूँ जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूँ और तेरे पापों को स्मरण न करूँगा।
- Verse 26: मुझे स्मरण करो, हम आपस में विवाद करें; तू अपनी बात का वर्णन कर जिससे तू निर्दोष ठहरे।
- Verse 27: तेरा मूलपुरुष पापी हुआ और जो जो मेरे और तुम्हारे बीच बिचवई हुए, वे मुझ से बलवा करते चले आए हैं।
- Verse 28: इस कारण मैं ने पवित्रस्थान के हाकिमों को अपवित्र ठहराया, मैं ने याकूब का सत्यानाश और इस्राएल को निन्दित होने दिया है।