पवित्र बाइबिल
पुराना नियम
भजन संहिता
अध्याय 139
- Verse 1: हे यहोवा, तू ने मुझे जाँचकर जान लिया है।
- Verse 2: तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।
- Verse 3: मेरे चलने और लेटने की तू भली–भाँति छानबीन करता है, और मेरे पूरे चालचलन का भेद जानता है।
- Verse 4: हे यहोवा, मेरे मुँह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो।
- Verse 5: तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है।
- Verse 6: यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।
- Verse 7: मैं तेरे आत्मा से भागकर किधर जाऊँ? या तेरे सामने से किधर भागूँ?
- Verse 8: यदि मैं आकाश पर चढ़ूँ, तो तू वहाँ है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊँ तो वहाँ भी तू है!
- Verse 9: यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़कर समुद्र के पार जा बसूँ,
- Verse 10: तो वहाँ भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
- Verse 11: यदि मैं कहूँ कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊँगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा,
- Verse 12: तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।
- Verse 13: मेरे मन का स्वामी तो तू है; तू ने मुझे माता के गर्भ में रचा।
- Verse 14: मैं तेरा धन्यवाद करूँगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूँ। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भाँति जानता हूँ।
- Verse 15: जब मैं गुप्त में बनाया जाता, और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था, तब मेरी हड्डियाँ तुझ से छिपी न थीं।
- Verse 16: तेरी आँखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे।
- Verse 17: मेरे लिये तो हे परमेश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है!
- Verse 18: यदि मैं उनको गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूँ, तब भी तेरे संग रहता हूँ।
- Verse 19: हे परमेश्वर, निश्चय तू दुष्ट को घात करेगा! हे हत्यारो, मुझ से दूर हो जाओ!
- Verse 20: क्योंकि वे तेरी चर्चा चतुराई से करते हैं; तेरे शत्रु तेरा नाम झूठी बात पर लेते हैं।
- Verse 21: हे यहोवा, क्या मैं तेरे बैरियों से बैर न रखूँ, और तेरे विरोधियों से रूठ न जाऊँ?
- Verse 22: हाँ, मैं उनसे पूर्ण बैर रखता हूँ; मैं उनको अपना शत्रु समझता हूँ।
- Verse 23: हे परमेश्वर, मुझे जाँचकर जान ले! मुझे परखकर मेरी चिन्ताओं को जान ले!
- Verse 24: और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं, और अनन्त के मार्ग में मेरी अगुवाई कर!